रविवार, 2 सितंबर 2007

फायदे का एहसास

शहर में फायदों की बातें
बहुत सुनी हैं
लेकिन,
इन फायदों के बीच
नुकसान का एहसास
सबको है,
शहर की भीड़ में
खो जाने का एहसास
सबको है,
बाजार के बीच
ठगे जाने का एहसास
सबको है,
भागती सड़क पर
कुचलने का एहसास
सबको है,
फैशन के नये दौर में
पुराने हो जाने का एहसास
सबको है,
शहर में फायदों की बातें
बहुत सुनी हैं
लेकिन,
फायदों के बीच
अपनो से बिछड़ने का एहसास
सबको है

3 टिप्‍पणियां:

Shastri JC Philip ने कहा…

अहसास हो जाता है,
कुछ सालों के बाद
इस बात का भी,
कि हम हैं सिर्फ एक
गीयर
विशालकाय एक मशीन के
जो जाना जाता है "शहर" नाम से.

-- शास्त्री जे सी फिलिप

आज का विचार: जिस देश में नायको के लिये उपयुक्त आदर खलनायकों को दिया जाता है,
अंत में उस देश का राज एवं नियंत्रण भी खलनायक ही करेंगे !!

APNA RADHEY ने कहा…

ahasas to ho
par kaise
is sabke liye waqt to ho
par kaise
har ghadi hai
ahsas sirf kam ka
kyunki cahiye paise,
ahsas to ho
par kaise
ahsas ka kanta
ghadi ke dail mein
makadi ke manind
bas chakkar
lagane ke liye hai,
jo har bar,
khud ko dohrata hai
shayad kuch badale
par,
waqt ke siwa
kuch nahin badalta
ahsas ka kanta
phir usi jagah
jaha se wo chala tha
ja pahunchta hai.

APNA RADHEY ने कहा…

fayde aur ahsas ka rishta
Rishto ki buniyad par
chalega kab tak.
waqt ke pahiye mein pisen,
jeevan ke chaurahon pe,
akele,
ummedon se milen.
ye ho, ya aisa ho,
jane kal kaisa ho,
jo bhi ho,
hone se pahle,
uska ahsas ho,
kash ;
waqt ke badalne se pahle
ham badalein
warna,
fayde aur ahsas ka rishta
Rishto ki buniyad par
chalega kab tak.